
क्लासरूम खाली – गुरुजी नदारद: DEO के औचक निरीक्षण में खुली शिक्षा व्यवस्था की पोल
क्लासरूम खाली – गुरुजी नदारद यह है बलौदा बाजार शिक्षा व्यवस्था की स्थिति। यह पोल उस समय खुली जब खुद जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. संजय गुहे ने स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। स्कूलों में शिक्षकों की लापरवाही पकड़ी गई। यहां तक कि शिक्षक अपने स्कूलों से गायब मिले। इस पर अब दो प्राचार्य, सात व्याख्याता और तीन लिपिक सहित 12 शिक्षकों को नोटिस जारी की गई है।
एजुकेशन रिपोर्टर|बलौदा बाजार
बलौदा बाजार के स्कूलों के क्लासरूम खाली हैं और गुरुजी नदारद हैं, पढ़ाई का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि जब शिक्षा अधिकारी स्कूल पहुंचते हैं तो शिक्षक गायब मिलते हैं। जो शिक्षक मिलते भी हैं वे इतने लापरवाह और बेपरवाह हैं कि उन्हें स्कूल में बच्चों की पढ़ाई से कोई मतलब नहीं है। ऐसा लगता है जैसे उन्हें सिर्फ सैलरी से मतलब है। पढ़ाई की बदहाली के आलम का अंदाजा इस बात से लगा लीजिए कि डीईओ को नोटिस जारी करना पड़ रहा है।

बलौदा बाजार जिला की शिक्षा व्यवस्था की अब पोल खुल रही है। शिक्षकों के द्वारा उत्पन्न की गई बदहाल व्यवस्था से जहां एक तरफ पढ़ाई प्रभावित हो रही है वहीं जिले का रिजल्ट खराब हो रहा है। जिन शिक्षकों को शिक्षा की रोशनी जलाकर बच्चों के भविष्य में उजियाली लानी थी उन्हें उनके अधिकार के प्रति संवेदनशील बनाना था, उन्हें देश, राज्य और समाज के प्रति जागरूक कर देश के विकास में भागीदार बनने के लिए तैयार करना था। वे शिक्षक स्कूलों में शिक्षा के नाम बच्चों को अपनी घटियापन सिखा रहे हैं। बच्चों के जीवन में अंधियारा ला रहे हैं। देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। बच्चों को मिलने वाले शिक्षा के अधिकार से शिक्षा की वंचित कर रहे हैं।
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बलौदा बाजार जिले के शिक्षा की स्थिति का जायजा लेने जब आज खुद जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. संजय गुहे स्कूलों का औचक निरीक्षण पर निकले तो उन्हें स्कूलों से प्राचार्य, शिक्षक और लिपिक गायब मिले। जो शिक्षक उपस्थित भी थे वे लापरवाह और बेपरवाह नजर आए। इधर इस गंभीर लापरवाही के चलते DEO ने दो प्राचार्य, सात व्याख्याता और तीन लिपिक सहित कुल 12 शिक्षकों को नोटिस जारी किया और दो दिनों में जवाब मांगा है।
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खटियापाटी से शुरू हुई जांच, जहां- जहां भी गए डीईओ वहां-वहां मिली लापरवाही
जिला शिक्षा अधिकारी सबसे पहले विकासखण्ड बलौदा बाजार के शासकीय उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय खटियापाटी पहुंचे। यहां सुबह 9 बजे तक केवल 4 व्याख्याता उपस्थित थे और 3 व्याख्याता व 1 सहायक ग्रेड 2 अनुपस्थित मिले जिनमें व्याख्याता एलबी शकुंतला ध्रुव, रविकुमार साहू, गजेन्द्र प्रसाद ध्रुव और सहायक ग्रेड 2 मनीषा विश्वास शामिल है। निरीक्षण के दौरान समय सारिणी अनुसार दूसरा कालखण्ड चल रहा था, लेकिन छात्र-छात्राएं बाहर घूम रहे थे और शिक्षक कार्यालय में बैठे पाए गए। इस पर प्राचार्य हेमराम ध्रुव, व्याख्याता एलबी भुनेश्वर प्रसाद पटेल, छत्रपाल सिंह वर्मा, दामिनी बेहरा, विजय लक्ष्मी पटेल को नोटिस जारी किया है।

इसके बाद डीईओ जब शासकीय हाईस्कूल सुढ़ेला का निरीक्षण किया तो उन्हें निरीक्षण में प्रभारी प्राचार्य संतरू सिंह पैकरा बिना पूर्व सूचना के विगत 6 दिनों से अनुपस्थित मिले। इस माह में केवल 3 दिन शाला आने का प्रमाण मिला जबकि 2 दिन अवकाश और 6 दिन अन्य काम का बहाना कर शाला से गायब रहे। इसके साथ ही विगत दो दिन से सहायक ग्रेड 2 रजनी शर्मा और सहायक ग्रेड 3 दुर्गा देवी ध्रुव अनुपस्थित थे। शासकीय प्राथमिक शाला व पूर्व माध्यमिक शाला सुढ़ेला में मध्यान्ह भोजन कक्ष, भोजन की गुणवत्ता का निरीक्षण किया गया और रसोईयों को स्वच्छ व गुणवत्तापूर्ण भोजन बनाने के निर्देश दिए। लंबे समय से अनुपस्थित शिक्षकों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित करने की बात कही।
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स्कूल का सामान बेचने का मामला आ चुका है सामने
स्कूल शिक्षा विभाग में शिक्षकों और प्राचार्यों की मनमानी और लापरवाही के कई उदाहरण सामने आते रहे हैं। ऐसा ही मामला कुछ दिन पहले बलौदा बाजार जिले में प्राचार्य द्वारा स्कूल का सामान कबाड़ बताकर निजी स्कूलों को बेचने का मामला सामने आया था। अब शिक्षकों के नदारद होने की बात सामने आ रही है।
शेयर बाजार का जाल बिछाकर ठगने का मामला
बलौदा बाजार जिले का एक शिक्षक पहले ही शेयर बाजार के नामपर करोड़ों रुपए की ठगी के मामले में परिवार सहित जेल में बंद है। शिक्षा विभाग के बहुत से शिक्षक इन दिनों इसी तरह के चिट फंड कंपनियों के जाल में लोगों को फंसा रहे हैं। खासकर नेटवर्क मार्केटिंग में बड़ी संख्या में शिक्षकों की मौजूदगी है।
आगजनी हिंसा मामले में भी शिक्षक हैं आरोपी
बलौदा बाजार जिले के साथ प्रदेश और देश के लिए शर्मनाक घटना 10 जून 2024 को घटित हुई थी। इसमें सतनामी समाज के प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में उपद्रवियों ने संयुक्त जिला कार्यालय में तोड़ फोड़ और पुलिस अधीक्षक कार्यालय को आग के हवाले कर दिया था। इस मामले में भी सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को आरोपी बनाया गया है।
Author: Deependra Shukla
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